इंडियन पॉलिटिकल लीग: फोटो कॉपी बनाम ओरिजनल
Written by: शशि सिंह | May 17, 2009 | Category: ढाक के तीन पात | 3 Comments
ग्रेट इंडियन पॉलिटिकल लीग का फाइनल संपन्न हुआ। नतीजों से पहिले कहां तो फोटो फिनिश की उम्मीद लगाई जा रही थी मगर कांग्रेसी बालक राहुल बाबा के मुकाबले भाजपा का बुजुर्गवार नेतृत्व न सिर्फ अक्षम नज़र आया बल्कि हांफता हुआ काफी पीछे छूट गया। कठपुतली प्रधानमंत्री मजबुत नेता पर निर्णायक रूप से भारी पड़ते हुये एक बार फिर से सरकार बनाने जा रहे हैं। कांगेसनीत गठबंधन को जीत की बधाई! मगर इसे कांगेस की जीत से ज्यादा मैं भाजपा की हार मानता हूं। चाल, चरित्र और चेहरे की बात करने वाली भाजपा अपने ही तीनों “च” के सामने चारों खाने चित्त है।
नौकरी चाहिये तो हिन्दी पढ़ो
Written by: शशि सिंह | January 4, 2009 | Category: ढाक के तीन पात | 4 Comments
क्या आप जानते हैं महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री की नौकरी जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता आर.आर. पाटील इन दिनों क्या कर रहे हैं? इन दिनों वे अपनी हिन्दी सुधारने लगे हैं। आबा के नाम से मशहूर श्री पाटिल को मलाल है कि उनकी हिन्दी अच्छी नहीं होने के कारण उनके बयानों को गलत संदर्भ में लिया गया जिससे उनकी नौकरी चली गई। मतलब ये कि उन्होंने जो कुछ भी ग़लत हिन्दी में कहा उसका मतलब कुछ और था। (अब चलिये मतलब आप हिन्दी सीखकर कभी समझा दीजियेगा।)
आबा का इशारा अपने इन्हीं दोनों बयानों की तरफ है।





