जनवरी से दिसम्बर बनाम अप्रैल से मार्च


Written by: शशि सिंह | December 31, 2010 | Category: जिन्दगी ऑनलाइन | Comment 
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ना तो जनवरी साल का पहला महीना है और ना ही 1 जनवरी पहला दिन।जो आज तक जनवरी को पहला महीना मानते आए है वो जरा इस बात पर विचार करिए।सितंबर,अक्टूबर,नवंबर और दिसंबर क्रम से 7वाँ,8वाँ,नौवाँ और दसवाँ महीना होना चाहिए जबकि ऐसा नहीं है।ये क्रम से 9वाँ,,10वाँ,11वां और बारहवाँ महीना है।हिन्दी में सात को सप्त,आठ को अष्ट कहा जाता है,इसे अङ्ग्रेज़ी में sept(सेप्ट) तथा oct(ओक्ट) कहा जाता है।इसी से september तथा October बना।नवम्बर में तो सीधे-सीधे हिन्दी के “नव” को ले लिया गया है तथा दस अंग्रेजी में “Dec” बन जाता है जिससे December बन गया।


क्रिकेट के दीवानों अपना हीरो चुनो


Written by: शशि सिंह | January 7, 2009 | Category: जिन्दगी ऑनलाइन | 4 Comments 
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यदि आप क्रिकेट के दीवाने हैं… दीवाने न सही क्रिकेट को पसंद करने वाले भी हैं तो यह ख़बर आपके लिए ही है। क्रिकेट की मशहूर वेबसाइट क्रिकइंफो डॉटकॉम ने 2008 में खेली गई अच्छी क्रिकेट को सम्मानित करने का फैसला किया है। इसके लिए खिलाड़ियों को दो तरह के सम्मान दिये जायेंगे। एक जिसका चयन क्रिकइंफो की जूरी करेगी और दूसरा यानी कि लोकप्रिय श्रेणी में 2008 के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों को चुनने की जिम्मेदारी क्रिकेटप्रेमियों यानी कि आप पर डाली है।

इस अवार्ड में चार श्रेणियां हैं। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी (टेस्ट), सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (टेस्ट), सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी (एकदिवसीय) और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (एकदिवसीय)।


ब्लॉग बना चिट्ठा, जम गई चिट्ठाकारिता


Written by: शशि सिंह | October 24, 2007 | Category: जिन्दगी ऑनलाइन | Comment 
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इंटरनेट पर इन दिनों ब्लॉगिंग की खूब चर्चा है, हालाँकि इसकी शुरुआत तकरीबन दस साल पहले अँग्रेजी में हुई थी मगर अब हिंदी लिखने-पढ़ने वालों में भी यह विधा लोकप्रिय हो चली है. ब्लॉग यानी इंटरनेट पर डायरीनुमा व्यक्तिगत वेबसाइटें, जिसके लिए हिंदी में ‘चिट्ठा’ नाम प्रचलित और स्थापित हो चुका है. महज साढ़े चार साल पहले हिंदी ब्लॉग लेखन की शुरुआत हुई थी और आज हिंदी चिट्ठों की तादाद हज़ार से ऊपर है. जानकार मानते हैं कि इंटरनेट के तेज़ी से हो रहे विस्तार में हिंदी चिट्ठाकारों का उज्ज्वल भविष्य छिपा है क्योंकि अब नेट पर अंगरेज़ी का एकछत्र राज नहीं रह गया है.

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